Yoga Tips: शीर्षासन को कहा जाता है सभी आसनों का राजा, रोजाना अभ्यास करने से मिलते हैं ये फायदे

  • अनन्या मिश्रा
  • Mar 18, 2025

Yoga Tips: शीर्षासन को कहा जाता है सभी आसनों का राजा, रोजाना अभ्यास करने से मिलते हैं ये फायदे

योग के तहत कई आसन होते हैं, जो हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर अलग-अलग प्रभाव डालता है। इनमें से सबसे प्रभावी आसन की बात की जाए, तो शीर्षासन को पहला स्थान दिया जा सकता है। इस आसन को सभी आसनों का राजा कहा जाता है। शीर्षासन को सभी आसनों का राजा इसलिए भी कहा जाता है कि यह पूरे शरीर और मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव डालता है। इस आसन का अभ्यास करने से न सिर्फ शारीरिक मजबूती मिलती है, बल्कि मानसिक एकाग्रता, तंत्रिका तंत्र को संतुलित करने और ओवरऑल हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि शीर्षासन का अभ्यास करने से क्या स्वास्थ्य लाभ होते हैं।


मस्तिष्क के लिए लाभकारी

शीर्षासन का अभ्यास करने से सिर की ओर रक्त प्रवाह बढ़ता है। इससे मस्तिष्क को ज्यादा ऑक्सीजन और पोषण मिलता है।

इस आसन को करने से स्मरण शक्ति, एकाग्रता और मानसिक स्पष्टता को सुधारने में सहायता करता है।

यह चिंता, तनाव और अवसाद को भी कम करने में मदद करता है।

इसलिए शीर्षासन को मानसिक संतुलन और जागरूकता बढ़ाने वाला भी आसन माना जाता है।


ब्लड सर्कुलेशन में सुधार

शीर्षासन का अभ्यास करने से हृदय से सिर तक ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है।

यह स्किन में निखार लाने के साथ बालों के झड़ना कम करने और स्किन संबंधी समस्याओं को दूर करता है।


पाचन तंत्र होगा मजबूत

शीर्षासन का अभ्यास करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। इस आसन को करने से अपच, कब्ज और गैस जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।

यह नर्वस सिस्टम को शांत करता है और चिंता और तनाव को कम करने में सहायता करता है।


जानिए शीर्षासन के अभ्यास का तरीका

सबसे पहले योग मैट पर घुटनों के बल बैठें और दोनों हाथो की उंगलियों को आपस में फंसाकर रखें।

फिर सिर को हथेलियों के बीच रखते हुए धीरे-धीरे पैरों को ऊपर की ओर उठाकर संतुलन बनाएं।

इस दौरान पूरे शरीर को सीधा रखते हुए कुछ सेकेंड या मिनट तक इस मुद्रा में रहें।

फिर धीरे-धीरे पैरों को नीचे लाकर सामान्य पोजिशन में वापस आ जाएं।

 

शीर्षासन के अभ्यास करने के दौरान सावधानियां

उच्च रक्तचाप, हृदय रोग या गर्दन की समस्या होने पर इस आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

इस आसान को खाली पेट नहीं करना चाहिए और योग प्रशिक्षक की देखरेख में करना चाहिए।

शुरूआत में शीर्षासन का अभ्यास के दौरान दीवार या सपोर्ट के साथ करना चाहिए। 

डिस्क्लेमर: इस लेख के सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन सुझावों और जानकारी को किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर न लें। किसी भी बीमारी के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


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