दुनियाभर की तमाम महिलाओं को पीरियड्स के दौरान गंभीर दर्द की समस्या होती है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, इस समस्या की अक्सर गलत पहचान हो जाती है। या फिर सालों तक इसका इलाज नहीं हो पाता है। अक्सर इस थेराप्यूटिक चिंता को एंडोमेट्रियोसिस समझ लिया जा सकता है। दरअसल, यह एक ऐसी समस्या है, जिसमें गर्भाशय की परत जैसा टिश्यू गर्भाशय के बाहर विकसित होता है। जिसका कई बार गलत इलाज किया जाता है।
दुनिया भर में महिलाएं पीरियड्स के दौरान होने वाले गंभीर दर्द से जूझ रही हैं। डॉक्टर के अनुसार, इस समस्या की अक्सर गलत पहचान हो जाती है या कई सालों तक इसका इलाज नहीं हो पाता है। ब्रिटिश GP डॉ. आसिफ अहमद ने कहा कि इस थेराप्यूटिक चिंता को एंडोमेट्रियोसिस समझ लिया जा सकता है। ये एक ऐसी समस्या है, जिसमें गर्भाशय की परत जैसा टिश्यू गर्भाशय के बाहर विकसित होता है, जिसका कई बार गलत इलाज किया जाता है।
क्या हो सकती है समस्या
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, यह एंडोमेट्रियोसिस जैसा है, लेकिन ऐसा नहीं है। इससे भारी और दर्दनाक पीरियड्स हो सकता है। 10 में से एक महिला इससे पीड़ित होती है। जिसका सालों तक नहीं हो पाता है। इसमें गर्भाशय की मांसपेशियों की परत विकसित हो जाती है। एडेनोमायोसिस एंडोमेट्रियोसिस से अलग है, क्योंकि यह शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैलता है। यह बहुत समान लक्षणों से जुड़े हुए हैं।
पीरियड्स में दर्द
पीरियड्स के दौरान दर्द होना एक आम लक्षण है। वहीं इस दौरान पेट में सूजन, पेल्विक, भारीपन फील होना और अन्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो इसकी वजह से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं। जैसे एक से ज्यादा बच्चे न होना या 30 से 50 साल की आयु के बीच बच्चे होना। यह कम उम्र की महिलाओं में भी दिखाई दे सकता है।