भारतीय रसोईघरों में तमाम ऐसे मसाले पाए जाते हैं, जो न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। लेकिन कुछ मसाले ऐसे भी होते हैं, जिनको कुछ कंडीशन में नहीं खाना चाहिए। ऐसा ही एक मसाला दालचीनी है। जरूरी नहीं है कि दालचीनी का सेवन हर किसी के लिए लाभकारी हो। हालांकि किसी भी चीज का अधिक सेवन काफी नुकसानदायक होता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि दालचीनी का सेवन किन लोगों को नहीं करना चाहिए।
प्रेग्नेंट महिलाएं
दालचीनी का सेवन गर्भाशय को उत्तेजित कर सकता है। इसको खाने से गर्भपात या समय से पहले प्रसव का खतरा बढ़ जाता है। इस वजह से बिना डॉक्टर की सलाह के प्रेग्नेंट महिलाओं को दालचीनी का सेवन नहीं करना चाहिए।
लिवर पेशेंट
दालचीनी में कूमारिन नामक तत्व पाया जाता है। इसका अधिक सेवन लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है। फैटी लिवर, हेपेटाइटिस या लिवर सिरोसिस जैसी समस्या होने पर भी दालचीनी का सेवन करना घातक हो सकता है।
एसिडिटी
जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या ज्यादा होती है, उनको भी दालचीनी नहीं खाना चाहिए। क्योंकि दालचीनी की तासीर गर्म होती है। इसलिए इसका अधिक सेवन करने से पेट में जलन और एसिडिटी हो सकती है।
लो ब्लड प्रेशर
दालचीनी खाना ब्लड वेसेल्स को रिलैक्स करता है। इसका सेवन करने से ब्लड सर्कुलेशन कंट्रोल में रहता है। वहीं अगर किसी व्यक्ति को लो बीपी की समस्या है, तो ऐसे व्यक्ति के लिए दालचीनी का सेवन करना खतरनाक साबित हो सकता है।
सर्जरी वाले लोग
बता दें कि दालचीनी में खून को पतला करने के गुण पाए जाते हैं। जिन लोगों की सर्जरी होने वाली है या हाल ही में सर्जरी हो चुकी है। उनको दालचीनी का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसे में इसका सेवन करने से ब्लीडिंग का खतरा रहता है।